बैगा आदिवासियों के नाम पर हुई जमीन खरीदी के मामले में विजयराघवगढ़ विधायक के 4 कर्मचारियों पर कसा शिकंजा
बैगा आदिवासियों के नाम पर हुई जमीन खरीदी के मामले में खत्म होती मियाद को देखते हुए जिला प्रशासन हुआ सक्रिय, विजयराघवगढ़ विधायक के जमीन खरीदने वाले चारों कर्मचारियों को भेजा गया नोटिस, दस्तावेजों सहित कल प्रस्तुत होने के दिये आदेश, अब सवाल तो यह उठता है कि क्या चारों होंगे पेश….

कटनी। भारतीय जनता पार्टी के मप्र के सबसे अमीर विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक के जिन चार कर्मचारियों के नाम पर डिंडोरी में बैगा आदिवासियों की 1135 एकड़ जमीन खरीदी गई थी इसी मामले को लेकर बीते दिनों राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग दिल्ली ने कटनी सहित अन्य जिलों के कलेक्टरों को नोटिस जारी करते हुए पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी थी। जबकि आयोग द्वारा दी गई मियाद खत्म होने वाली है। तो वहीं खत्म होती मियाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच की कार्यवाही तेज कर दी है।
कटनी जिला प्रशासन द्वारा चारों आदिवासियों नत्थू कोल, प्रहलाद कोल, राकेश सिंग गोंड एवं रघुराज सिंग गोंड़ को नोटिस जारी कर चारों से बैंक खातों और पहचान संबधी दस्तावेज सहित कल 16 अक्टूबर 2025 को कलेक्टर कार्यालय कटनी में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने के आदेश दिये गये है।
आपको बता दें कि भाजपा विधायक संजय पाठक के चार आदिवासी कर्मचारियों के नाम पर डिंडौरी सहित अन्य जिलों में आदिवासियों की लगभग 1135 एकड़ जमीन खरीदी गई। पूर्व में जमीन खरीदी के इस घालमेल की शिकायत कटनी युवक कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यांशु मिश्रा ने की थी। बीते दिनों इसी मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग दिल्ली ने स्वतः संज्ञान लेते हुए लगभग 1111 एकड़ जमीन की खरीदी को लेकर कटनी सहित पांच जिलों के कलेक्टरों को नोटिस भेजते हुए रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन विडम्बना तो यह है कि जब आयोग द्वारा दी गई समय अवधि अब खत्म होने को है तो गत 14 अक्टूबर को डिप्टी कलेक्टर कटनी के निर्देश पर उक्त चारों आदिवासियों को नोटिस भेजते हुए प्रस्तुत होने के लिए कहा गया है।
अब देखना तो यह है कि क्या जिला प्रशासन द्वारा दिए गए नोटिस की अवधि में विधायक संजय पाठक के चारों आदिवासी कर्मचारी पेश हो पाएंगे भी या नहीं। तो वहीं नोटिस जारी होने के बाद कई तरह की चर्चाओं से बाजार गर्म है जिनमें यह चर्चा भी निकलकर सामने आ रही है कि उक्त चारों आदिवासी लापता हो चुके हैं। तो एक चर्चा इस बात की भी हो रही है कि जिले के एक अधिकारी द्वारा विधायक संजय पाठक से बड़ी रकम लेकर इस प्रकरण को दबाने की कोशिश की जा रही है।
अब देखना तो यह है कि चर्चाओं के गर्म बाजार से उठने वाली चर्चाएं कितनी सच्ची हैं और कितनी झूठी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। वहीं मप्र की डबल इंजन की सरकार के राज में जो खबरें निकलकर सामने आ रही हैं वह बेहद गम्भीर और चौंकाने वाली है।
कटनी ब्यूरो चीफ हीरा विश्वकर्मा