सोशल मीडिया ने बढ़ाए अपराध के जोखिम

कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा स्कूल और कॉलेज में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान आप के परिवार की निगरानी हुई कम, सोशल मीडिया ने बढ़ाए अपराध के जोखिम: विशेषज्ञ और स्थानीय लोग चिंता में..

फेसबुक-इंस्टाग्राम पर बढ़ता प्रभाव—परिवारों की निगरानी कमजोर होने से कई मामलो में पुलिस का दायित्व बढ़ा; नागरिकों से आग्रह: परिवार खुद सतर्क हों।

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और परिवारों में निगरानी की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में बढ़ती चिंता ने आज सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या परिवारों द्वारा छोटी-छोटी सावधानियाँ अपनाने से अपराध और गलत घटनाओं को रोका जा सकता है।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि युवा लड़के-लड़कियां सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर मिल रहे प्रभाव और संपर्कों के कारण जोखिम भरे व्यवहार की ओर प्रेरित हो रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि परिवार पहले से बच्चों-बच्चियों पर नजर रखते और बिगड़ते परिवेश की गतिविधियों को समझते तो पुलिस को आपात मामलों में तत्काल हस्तक्षेप का बेहतर अवसर मिलता।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, कि इंस्टाग्राम और फेसबुक पर दिखने वाली दुनिया ने बच्चों की सोच बदल दी है। परिवारों की नजर कमजोर हो गई है, इसलिए नतीजा आज हम देख रहे हैं।

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर नागरिकों की मुख्य बातें:

परिवार को अपने बच्चों-किशोरों पर सक्रिय नजर रखनी चाहिए; केवल पुलिस पर भरोसा सुरक्षित विकल्प नहीं।

पुलिस का प्राथमिक काम अपराध रोकना और उत्तरदायित्व निभाना है, पर परिवारों की सतर्कता गंभीर घटनाओं को होने से रोक सकती है।

कई मामलो में पुलिस का समय और संसाधन लड़के-लड़कियों की तलाश और पारिवारिक झगड़ों में व्यतीत हो जाता है, जिससे अन्य गंभीर अपराधों पर निगरानी कम हो सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह:

कटनी पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखए हुए डिजिटल-साक्षरता को बढ़ाते हुए स्कूल कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही बच्चों से सोशल मीडिया व्यवहार पर संवाद कर बिना झुंझलाहट के खुलकर चर्चा कर रही है कटनी जिले की पुलिस और बच्चों को किया जा रहा जागरूक।

स्कूल और स्थानीय समुदाय कार्यक्रमों में परिवार-शिक्षक मीटिंग्स आयोजित कर किशोरों के मनोविज्ञान और जोखिम-प्रवण व्यवहार की जानकारी साझा की जानी चाहिए।

कटनी पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान जो परिवारों को प्रेरित करें कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और मिलने-जुलने पर ध्यान रखें।

पुलिस भी कहती है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है — अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई, घरेलू हिंसा या झगड़ों में प्राथमिकी दर्ज करना और आवश्यकताओं पर तलाश-तहकीकात करना उसकी जिम्मेदारी है। लेकिन पुलिसकर्मियों का भी मानना है कि घरेलू और पारिवारिक सतर्कता से उनकी कार्यक्षमता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।

समाप्ति में स्थानीय नागरिक और सुरक्षा विशेषज्ञ दोनों इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अपराध-दर घटाने के लिए केवल कानून-व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहा जा सकता—परिवारों की सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता अनिवार्य है। सरकारी विभागों, स्कूलों और समुदायों को मिलकर परिवारों को समर्थन देने वाले कार्यक्रम चलाने होंगे ताकि किशोरों को जोखिमों से बचाया जा सके और पुलिस की चुनौतियाँ भी कम हों। कदम से कदम मिलाकर कटनी पुलिस का साथ है

कटनी ब्यूरो चीफ हीरा विश्वकर्मा

Leave A Reply

Your email address will not be published.