लोकसभा में कल पेश होगा न्यू इनकम टैक्स बिल, जानें आम आदमी के लिए क्या-क्या बदल जाएगा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) द्वारा घोषित न्यू इनकम टैक्स बिल (New Income Tax Bill 2025) को लोकसभा (Lok Sabha) में कल (गुरुवार) को पेश किए किया जा सकता है. पेश करने के बाद बिल को लोकसभा की सेलेक्ट कमिटी के पास विस्तृत चर्चा के लिए भेजा जाएगा. नए इनकम टैक्स बिल में कई बड़े बदलाव किया जाएगा. टैक्स से जुड़ी चीजों को आसान बनाने पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को हटाया जाएगा. इसके अलावा इस बिल में कई अपराधों के लिए सजा कम करने का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है.

निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को अपने बजट भाषण के दौरान न्यू इनकम टैक्स बिल लाने की बात कही थी. अब इस नए इनकम टैक्स बिल की ड्राफ्ट कॉपी सामने आ गई है. बिल की यह कॉपी 622 पेजों की है. पिछले हफ्ते शुक्रवार को न्यू इनकम टैक्स बिल को मोदी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी.

गुरुवार को वित्तमंत्री निर्माला सीतारमण नया इनकम टैक्स बिल को पेश करेंगी. इस बिल के कानून बनने से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना और भी आसान हो जाएगा यह बिल मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा. वित्त मंत्री सीतारमण ने सबसे पहले जुलाई 2024 के बजट में आयकर अधिनियम, 1961 की व्यापक समीक्षा की घोषणा की थी. गौरतलब है कि सीबीडीटी ने समीक्षा की निगरानी करने और अधिनियम को संक्षिप्त, स्पष्ट और समझने में आसान बनाने के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया था.

इस बिल को लेकर वित्त मंत्री सीतारमण ने 8 फरवरी को कहा था, “नए इनकम टैक्स बिल के प्रस्ताव के बारे में मुझे उम्मीद है कि इसे अगले हफ्ते लोकसभा में पेश किया जाएगा और चर्चा के लिए इसे जेपीसी में भेजा जाएगा. जेपीसी द्वारा इस पर अपनी सिफारिशें दिए जाने के बाद यह बिल फिर से कैबिनेट के पास जाएगा. मंत्रीमंडल की की मंजूरी के बाद इसे फिर से संसद में पेश किया जाएगा. मुझे अभी भी तीन अहम चरणों से गुजरना है.”

नया आयकर विधेयक में कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं किया जाएगा. इसमें सिर्फ टैक्स स्ट्रक्चर को तर्कसंगत और आसान बनाया जाएगा. इस बिल में मौजूदा कानून में कई नए सुधारों का प्रावधान होगा. कई अपराधों के लिए सजा कम करने तक का प्रावधान भी हो सकता है.

 

इसके अलावा नए बिल में टैक्स को लेकर भाषा सरल होगी ताकि आम करदाता भी समझ सके. न्यू इनकम टैक्स बिल का मकसद मुकदमेबाजी को कम करना होगा. आयकर सिस्टम में पारदर्शिता लाना भी बिल का मकसद है. पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को भी हटाया जाएगा. कुल मिलाकर यह बिल सरल और आसान शब्दों में होगा.

देखें क्या-क्या होगा आसाननए आयकर बिल में कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं होगा.
मुकदमेबाजी को कम करना नए बिल का उद्देश्य होगा.
नए बिल का मकसद कर प्रणाली में पारदर्शिता लाना है.
पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को हटाया जाएगा. कर से जुड़ी भाषा आसान और सरल होगी.
कई अपराधों के लिए सजा कम करने का प्रावधान भी हो सकता है.
इक्विटी के लिए शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस की अवधि में कोई बदलाव नहीं होगा. सेक्शन 101 (b) के तहत 12 महीने तक की अवधि को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस माना जाएगा
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स की दर में कोई बदलाव नहीं. शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स 20 फीसदी बना रहेगा. 1 अप्रैल 2026 से नए बिल को लागू करने का प्रस्ताव.
फाइनांशियल ईयर के पूरे 12 महीने को अब टैक्स ईयर कहा जाएगा.
एसेसमेंट ईयर जैसी कोई चीज नहीं होगी. ऐसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. नया इनकम टैक्स बिल कुल 600 पेजों का होगा. इसमें कुल 23 चैप्टर होंगे, जिसमें कुल 16 शेड्यूल होंगे. कुल 536 क्लॉज होंगे, पहले 298 सेक्शन होते थे.

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