जबलपुर। शहर के सिहोरा इलाके में उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब दुर्गा मंदिर में आरती के दौरान अचानक तोड़फोड़ की घटना ने माहौल को बारूद बना दिया। वार्ड नंबर 5, आज़ाद चौक स्थित मंदिर में ग्रिल तोड़ने की घटना के बाद देखते ही देखते मामला सामुदायिक टकराव में बदल गया और पत्थरबाज़ों की भीड़ सड़कों पर उतर आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरती के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर विवाद शुरू हुआ। कहासुनी इतनी बढ़ी कि विशेष समुदाय से जुड़े युवक ने मंदिर की ग्रिल तोड़ दी। इसके बाद कुछ ही मिनटों में दर्जनों लोग लाठी-डंडे और पत्थर लेकर मौके पर जुट गए। मंदिर परिसर और आसपास के घरों पर जमकर पथराव किया गया। हालात इतने भयावह हो गए कि लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़ा। कैमरों में करीब एक सैकड़ा उपद्रवी पत्थरबाजी करते कैद हुए हैं।
गौरतलब है कि आज़ाद चौक क्षेत्र में दुर्गा मंदिर के ठीक सामने मदीना मस्जिद अहले सुन्नत स्थित है। आमने-सामने धार्मिक स्थल होने के कारण यहां पहले भी तनाव की आशंका बनी रहती है। रमजान माह की शुरुआत के साथ ही संवेदनशीलता और बढ़ गई थी, और इसी बीच यह घटना चिंगारी बन गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। जबलपुर रेंज के आईजी, डीआईजी, कलेक्टर और एसपी समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इलाके में फिलहाल पुलिस का सख्त पहरा है।
पुलिस ने दो दर्जन से अधिक उपद्रवियों की पहचान कर ली है, जिनमें से 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। उपद्रव में इस्तेमाल वाहनों को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सिहोरा फिलहाल शांत जरूर है, लेकिन सवाल बड़ा है—क्या लाउडस्पीकर की आवाज इतनी तेज थी कि शहर की फिज़ा ही फट पड़ी, या फिर यह चिंगारी पहले से सुलग रही थी?