कैमोर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयदशमी उत्सव धूमधाम से संपन्न

शताब्दी वर्ष के प्रवेश अवसर पर समाज परिवर्तन के संकल्प के साथ हुआ आयोजन

कटनी / कैमोर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूर्ण कर इस वर्ष शताब्दी वर्ष में प्रवेश किया है। इसी उपलक्ष्य में संघ द्वारा देशभर में विजयदशमी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 7 अक्टूबर को कैमोर नगर की दोनों बस्तियों द्वारा संयुक्त रूप से विजयदशमी उत्सव बड़े ही उत्साह और अनुशासनपूर्ण वातावरण में मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा परम पूज्य भगवा ध्वज, संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार एवं माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात उपस्थित स्वयंसेवकों की उपस्थिति में ध्वज वंदन संपन्न हुआ। कार्यक्रम के क्रम में एकल गीत, अमृत वचन और पारंपरिक शस्त्र पूजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने अपने दंड एवं शस्त्रों पर तिलक और पुष्प अर्पित किए।

कार्यक्रम के बौद्धिक सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कटनी के जिला कार्यवाह सिद्धार्थ सिंह बघेल ने संबोधित करते हुए विजयदशमी उत्सव के महत्व और संघ के शताब्दी वर्ष के छह प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “संघ का उद्देश्य समाज में पंच परिवर्तन — व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र और पर्यावरण — की दिशा में सकारात्मक बदलाव लाना है।”

उन्होंने आगे कहा कि आज परिवार व्यवस्था कमजोर होती जा रही है, जिस पर समाज को गहन चिंतन की आवश्यकता है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि “हमें संरक्षण की शुरुआत अपने घर से करनी चाहिए — विवाह समारोहों में डिस्पोजल वस्तुओं का उपयोग बंद कर स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए।”

कार्यक्रम के अंत में समस्त स्वयंसेवकों एवं समाजबंधुओं ने संघ की प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ का सामूहिक गायन किया। इसके पश्चात परम पूज्य भगवा ध्वज को ध्वज प्रणाम कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशांगिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

 

रिपोर्ट: गुलशन चक्रवर्ती

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