क्या यह सिर्फ एक मामला है, या फिर सरकारी तंत्र में ऐसे ‘छुपे चार्जिंग स्टेशन’ और भी चल रहे हैं?

जबलपुर के रांझी इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी संसाधनों का खुला दुरुपयोग उजागर हुआ है। रांझी के बड़ा पत्थर मरघटाई स्थित नगर निगम पंप हाउस में बिजली चोरी कर निजी ई-रिक्शा चार्ज किया जा रहा था—और यह खेल कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि खुद पंप ऑपरेटर ही चला रहा था।
नगर निगम जोन क्रमांक 10 के संभागीय अधिकारी नरेश शर्मा को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब टीम ने मौके पर औचक निरीक्षण किया, तो हकीकत सामने आ गई। पंप हाउस की बिजली से एक ई-रिक्शा चार्ज होता मिला।
मौके पर मौजूद पंप ऑपरेटर सिद्धार्थ चौधरी से पूछताछ की गई, तो उसने स्वीकार किया कि ई-रिक्शा उसी का है। यानी सरकारी बिजली का निजी उपयोग—वो भी खुलेआम।
तुरंत कार्रवाई करते हुए नगर निगम अधिकारियों ने पूरे मामले की सूचना जल विभाग, बिजली कंपनी और पुलिस को दे दी है। अब इस पूरे प्रकरण में बिजली चोरी का केस दर्ज करने की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ऑपरेटर का संबंध रांझी के जलशोधन केंद्र से जुड़े एक कर्मचारी परिवार से बताया जा रहा है। साथ ही यह भी आरोप हैं कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन अब जाकर मामला उजागर हुआ है।
सवाल बड़ा है—क्या यह सिर्फ एक मामला है, या फिर सरकारी तंत्र में ऐसे ‘छुपे चार्जिंग स्टेशन’ और भी चल रहे हैं?