“टीबी के खिलाफ जनजागरण का बिगुल: विजयराघवगढ़ में ‘पोषण से उपचार’ का संदेश, अदाणी फाउंडेशन ने बढ़ाया उम्मीद का हाथ”
विजयराघवगढ़। विश्व क्षय दिवस के अवसर पर विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल में ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां जागरूकता, संवेदनशीलता और संकल्प एक साथ साकार होते नजर आए। टीबी जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ जन-जन को जागृत करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम महज औपचारिकता नहीं, बल्कि “टीबी मुक्त भारत” के संकल्प को जमीन पर उतारने की मजबूत पहल बनकर उभरा।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट संदेश दिया कि टीबी अब लाइलाज नहीं रही—समय पर जांच, सही उपचार और पर्याप्त पोषण से इसे पूरी तरह हराया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे अभियान को गति देने के लिए स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रयासों की अहम भूमिका सामने आई।
इसी कड़ी में अदाणी फाउंडेशन और सिविल अस्पताल के संयुक्त प्रयास से 50 टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित किए गए। यह पहल न केवल उपचार प्रक्रिया को मजबूत करने वाली रही, बल्कि मरीजों के चेहरे पर उम्मीद की नई रोशनी भी लेकर आई। गौरतलब है कि अब तक 559 पोषण आहार किट वितरित कर फाउंडेशन ने निरंतर सहयोग की मिसाल पेश की है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने पोषण को टीबी उपचार का अहम स्तंभ बताते हुए अदाणी फाउंडेशन के योगदान की सराहना की। वहीं फाउंडेशन के प्रतिनिधि पंकज द्विवेदी ने बताया कि संस्था द्वारा स्वास्थ्य शिविर, आंगनवाड़ी काया-कल्प और पोर्टेबल एक्स-रे मशीन जैसी सुविधाओं के माध्यम से लगातार सहयोग दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुधा कोल, नगर परिषद अध्यक्ष राजेश्वरी दुबे सहित जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे और प्रभावशाली बनाया।
कुल मिलाकर, यह आयोजन सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि समाज को यह संदेश देने में सफल रहा कि जागरूकता, सहयोग और संवेदनशीलता के साथ “टीबी मुक्त भारत” का सपना अब दूर नहीं।
ब्यूरो गुलशन चक्रवर्ती की कलम से…