“फेसबुक और इंस्टा वाला प्यार बना मौत का जाल: प्रेमिका ने बचपन के आशिक संग मिलकर बॉयफ्रेंड को उतारा मौत के घाट,

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर और रायसेन जिले से एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों, भरोसे और प्रेम की परिभाषा को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां एक महिला ने अपने बचपन के प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर अपने ही बॉयफ्रेंड की बेरहमी से हत्या कर दी, फिर शव को दूसरे जिले में फेंककर पुलिस को गुमराह करने की साजिश रची। लेकिन कहते हैं अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग सच तक पहुंचा ही देता है… इस मामले में वह सुराग बनी एक बच्चे की कॉपी

सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती, प्यार और फिर खौफनाक अंत

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा निवासी रीना किरार सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी। करीब तीन साल पहले उसकी दोस्ती राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट से फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।

बताया जा रहा है कि वीरू अक्सर राजस्थान से मध्यप्रदेश रीना से मिलने आता था। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस प्रेमिका से मिलने वह बार-बार सफर तय कर रहा है, वही उसके लिए मौत का जाल बुन रही है।

बचपन का प्रेमी बना हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड

पुलिस के मुताबिक रीना का बचपन का प्रेमी अरुण पटेल भी लगातार उसके संपर्क में था। अरुण न केवल रीना की आर्थिक मदद करता था, बल्कि उसने उसे महंगी SUV और सोने के जेवर तक दिलाए थे

लेकिन जब वीरू का रीना के घर आना-जाना बढ़ा, तो अरुण के भीतर जलन और गुस्सा पनपने लगा। यही नाराजगी धीरे-धीरे एक खतरनाक साजिश में बदल गई। रीना और अरुण ने मिलकर वीरू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, जिसमें उनका साथ दिया हरनाम सिंह किरार ने।

घर बुलाकर बेसबॉल बैट से बेरहमी से हत्या

29 अप्रैल को रीना ने वीरू को मिलने के बहाने अपने घर बुलाया। पुलिस के अनुसार, घर में पहले से अरुण पटेल और हरनाम सिंह किरार मौजूद थे।

जैसे ही वीरू घर पहुंचा, तीनों ने मिलकर उस पर बेसबॉल बैट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर पर लगातार किए गए वार इतने घातक थे कि वीरू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

शव को बोरी में भरकर 40 फीट गहरी खाई में फेंका

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को एक बोरी में पैक किया और XUV 700 की डिक्की में डालकर रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र पहुंचे। वहां नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे करीब 40 फीट गहरी खाई में शव फेंक दिया गया, ताकि मामला किसी दूसरे जिले का लगे और पुलिस की जांच भटक जाए।

बच्चे की कॉपी ने खोला कत्ल का पूरा राज

7 मई को पुलिस को खाई में एक सड़ी-गली लाश मिली। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल था। लेकिन घटनास्थल से मिले एक बैग में रखी बच्चे की कॉपी पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग साबित हुई।

कॉपी में लिखी जानकारी और हस्तलिपि के आधार पर पुलिस साईंखेड़ा पहुंची। जब संदिग्ध घर कई दिनों से बंद मिला, तो शक और गहरा गया। मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने उज्जैन से रीना, अरुण और हरनाम को हिरासत में ले लिया

मनोवैज्ञानिक पूछताछ में टूटा आरोपियों का झूठ

शुरुआत में तीनों आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन सख्त पूछताछ और मनोवैज्ञानिक दबाव के आगे आखिरकार उनका झूठ टूट गया। उन्होंने हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल बेसबॉल बैट और XUV 700 जब्त कर ली है। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

प्यार, धोखा और हत्या… रिश्तों का खौफनाक चेहरा

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वासघात और लालच के उस खतरनाक संगम की कहानी है, जहां एक प्रेमिका ने अपने ही प्रेमी को मौत के घाट उतार दिया। लेकिन अपराधी कितने भी चालाक क्यों न हों, कभी-कभी एक मासूम बच्चे की कॉपी भी इंसाफ की सबसे बड़ी गवाह बन जाती है।

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