“ढोल-नगाड़ों के बीच विकास का शंखनाद: कैमोर में लोकार्पण-भूमिपूजन से बदली शहर की तस्वीर”

कैमोर नगर परिषद द्वारा आयोजित भव्य समारोह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब जनप्रतिनिधि, प्रशासन और जनता एक मंच पर आते हैं, तो विकास केवल कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर दिखाई देता है। नगर में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन के साथ आयोजित यह कार्यक्रम गरिमा, उत्साह और जनभागीदारी का अद्भुत संगम बन गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक (पूर्व राज्यमंत्री) संजय सत्येन्द्र पाठक रहे, जिनका स्वागत ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच भव्य अंदाज़ में किया गया। नगर परिषद अध्यक्ष पलक नमित ग्रोवर ने शाल-श्रीफल, पगड़ी और पारंपरिक गदा भेंट कर अभिनंदन किया—जो भारतीय संस्कृति में शक्ति और प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जाती है। मंच पर उपाध्यक्ष संतोष केवट सहित जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

समारोह में विकास की झलक साफ दिखाई दी। फायर स्टेशन, आधुनिक फाउंटेन, सड़कों के चौड़ीकरण, मुक्तिधाम सौंदर्यीकरण, सीसी रोड और नाली निर्माण जैसे कार्यों का लोकार्पण कर विधायक पाठक ने कैमोर को विकास की नई रफ्तार देने का संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कैमोर अब तेज़ी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है और ये कार्य आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

विधायक ने नगर परिषद अध्यक्ष पलक नमित ग्रोवर की कार्यशैली की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में परिषद ने विकास कार्यों को नई दिशा और गति दी है। वहीं ग्रोवर ने भी “संजू भैया” कहकर विधायक के सहयोग को रेखांकित करते हुए नगर के वर्तमान और आगामी विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। युवाओं के लिए जिम सामग्री और सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु संसाधनों की मांग पर विधायक ने तुरंत स्वीकृति देकर माहौल को उत्साह से भर दिया।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू औद्योगिक सहभागिता भी रहा। विधायक पाठक ने अदानी एसीसी से सामाजिक दायित्व के तहत 10 आंगनवाड़ी केंद्रों के उन्नयन और विजयराघवगढ़ अस्पताल में मातृत्व हॉल व ऑपरेशन थिएटर निर्माण की मांग रखी, जिस पर कंपनी प्रतिनिधियों ने सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिलाया।

समारोह का आकर्षण बना आधुनिक फाउंटेन, जिसकी रंग-बिरंगी रोशनी ने शाम होते ही पूरे वातावरण को उत्सव में बदल दिया। यह नज़ारा मानो कैमोर के बदलते चेहरे और बढ़ते कदमों की जीवंत तस्वीर पेश कर रहा था।

हाल ही में 15 करोड़ की लागत से नए आईटीआई भवन की स्वीकृति भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई है, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने विधायक का आभार व्यक्त किया।

अंत में, यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कैमोर के विकास की नई पटकथा का उद्घोष साबित हुआ—जहां जनप्रतिनिधियों की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता की भागीदारी ने मिलकर प्रगति की एक मजबूत नींव रखी।

कैमोर ब्यूरो-गुलशन चक्रवर्ती की कलम से 

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